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Monday, 13 February 2017

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मोदी इफेक्टः मुसलमानों पर अरब सरकार का कहर! कल 39 हजार को निकाला आज लगा दी उससे भी बड़ी रोक!

नई दिल्ली सऊदी अरब सरकार ने राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन करने के कारण पिछले चार महीने में लगभग 39 हजार पाकिस्तानी नागरिकों को अपने देश से निकाल दिया है। सरकार ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि ये पाक नागरिक आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे और सऊदी के नियम तोड़ रहे थे। लेकिन मुस्लमानों को इससे बड़ा झटका सऊदी अरब सरकार ने आज दिया है। दरअसल, यहां कि सरकार ने सऊदी अरब में रहने वाले 40 साल से कम उम्र के शिया मुसलमान इराक स्थित करबला शरीफ की यात्रा पर रोक लगा दी है।

कर्बला शरीफ की यात्रा पर लगी रोक
सऊदी अरब सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर कोई शिया सरकार को धोखे में रखकर इराक की यात्रा पर जाता है तो उसे वापस लौटने पर तीन साल तक देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी जायेगी। इसके अलावा, उसे इस नियम का उल्लंघन करने पर भारी हर्जाना भी देना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब के शिया मुस्लमान यहां से हर वर्ष बड़ी संख्या में इराक़ के पवित्र स्थलों की ज़ियारत के लिए जाते हैं, लेकिन इस नए क़ानून के अनुसार बहुत से सऊदी नागरिक इस तीर्थ यात्रा से वंचित हो जायेंगे।
सऊदी अरब का यह क़ानून इजरायली शासन के बिल्कुल उस क़ानून के जैसा है जिसके मुताबिक मस्जिदुल अक़सा में नमाज़ पढ़ने के लिए फ़िलिस्तीनियों कि आयु सीमा निर्धारित की गई है।

4 महीने में 39,000 पाकिस्तानियों को निकाला दिया बाहर
पिछले 4 महीने में सऊदी अरब सरकार ने 39,000 पाकिस्तानियों को अपने देश से बाहर निकाला दिया है। सूत्रों के मुताबिक ये सभी पाकिस्तानी नशीले पदार्थों की तस्करी, चोरी, जालसाजी और हिंसा के अपराधों में पकड़े गए हैं।


इसके मद्देनजर शूरा काउंसिल की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अब्दुल्ला अलसदाउन ने सऊदी अरब में काम के लिए नियुक्ति से पहले पाकिस्तानियों की गहन जांच कराने की मांग कि है। अलसदाउन ने कहा कि, अफगानिस्तान से नजदीकी की वजह से पाकिस्तान आतंकवाद से पीड़ित है।

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