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Monday, 26 December 2016

BREAKING:फिर हिंसा कि आग में जला बंगाल, कई महिलाओ का RAPE,घरो को आग, देंखे video

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ममता बनर्जी सरकार की वापसी के कुछ दिन बाद ही बंगाल साम्प्रदायिक दंगों की आग में झुलस गया है | राज्य के उत्तरी दिनाजपुर के चोपड़ा मार्किट में समुदाय विशेष द्वारा लूटपाट की खबर आई है | कई महिलाओ के साथ भी अत्याचार किया जा रहा है व कई लोगो के घर, दुकाने जला दी गई है परन्तु ममता कि  सरकार चुपी साधे बैटी है 

कथित तौर पर यह हमला स्थानीय तृणमूल नेता हमीदुल रहमान की मौजदूगी में हुआ | यहाँ हिन्दू समुदाय की दुकानों में लूटपाट कर कई दुकानों में आग लगा दी गयी | जानकारी के मुताबिक चावल के गोदाम, गैस एजेंसी, सीमेंट हार्डवेयर की दुकानों में लुटपाट की गयी | इसके आलावा सर्राफे, मिठाई, कपड़ों की दुकानों को भी लूटा गया | एक अनुमान के मुताबिक करीबन 2 करोड़ की सम्पत्ति को लूट लिया गया |

चोपड़ा मार्किट के पास ही नैनीताल कॉलोनी में भी लूटपाट की गयी | बता दें यहाँ हिन्दू आबादी रहती है | इस हमले में हरिपाद देवनाथ गम्भीर रूप से घायल हुए हैं उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है | दंगाईयों के सामने पुलिस लाचार नजर आ रही है | नेशनल हाईवे 31 को बंद कर दिया गया |


इस लूटपाट में स्थानीय तृणमूल नेता को भी नहीं बक्शा गया | बता दें इन सभी इलाकों में हिन्दू आबादी अल्पसंख्यक है | इस हमले से एक दिन पूर्व ही रामगंज में रथयात्रा पर भी हमला हुआ | जिसमे मूर्तियों को चोंट पहुंचाई गयी |  
भारत के इतिहास में सबसे भयानक साम्प्रदायिक दंगे बंगाल में हुए जिनमें बंगाली हिन्दुओं का इतना भयावह नरसंहार हुआ कि नोआखाली,जेसोर आदि जगहों पर लाखों हिन्दुओं की लाशें महीनों सड़ती रहीं और उन्हें गिद्ध एवं कुत्ते नोचते रहे। 5 करोड़ से ज्यादा बंगाली लापता हो गये उनका कुछ पता नहीं चला।
1947 से 1971 तक चले योजनाबद्ध दंगों में कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ से भी ज्यादा बंगाली महिलाओं का बलात्कार हुआ। उनकी नंगी लाशों को पेड़ों से लटका दिया गया या फिर जला दिया गया

लगभग दो दशकों तक अलगाववादी मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं को पूर्वी बंगाल से खदेड़ने की रणनीति आखिर सफल हुई और धार्मिक एकता के घनघोर अभाव में जी रहे बंगालियों से उनकी ही मातृभूमि का एक विशाल हिस्सा उनसे छिन गया।

आज आजादी के छह दशकों बाद बंगाल फिर से उसी मोड़ पर खड़ा हो गया है। अगर बंगाल के हिन्दू अब भी धार्मिक रूप से एकजुट नहीं हुए एवं इतिहास से सबक नहीं लिया तो शायद उनकी फिर से वही दशा न हो जाए।

बंगाल में हिन्दू धार्मिक संगठन मजबूत ही नहीं हो पा रहे हैं इसका प्रमुख कारण आम जनता की धार्मिक एकता के प्रति उदासीनता ही है।वहीं अत्याधिक मुस्लिम बंगलादेशियों की घुसपैठ ने पहले से ही अल्पसंख्यक होते जा रहे हिन्दुओं की धार्मिक जनसंख्या अनुपात को बुरी तरह से बिगाड़ना शुरू कर दिया है।





3 comments:

  1. Behenchod galat salat news deke public ko bhakareheho. ....fack news.

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  2. Central Govt and state govt both are responsible

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  3. Its wrong ...Yaar..Some Muslim say we r indians ..Nd some person...what the fuck....Mamta ..U r loss Ur credit...Ur so cheap...Mamta..God will see u.....

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