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Thursday, 10 November 2016

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BIG-NEWS: 500-1000 के नोट बंद होने से चोरी का धंधा हुआ ठप्प, चोरो में शौक कि लहर...

आज का दिन वो दिन है जो 1947 को हिंदुस्तान आजाद हो जाने के बाद किसी भी कर्मचारी ने रिश्वत नही ली व पुरे देश में कही भी भर्ष्टाचार नही हुआ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान के बाद मंगलवार को आधी रात से 500-1000 के नोट बंद हो गए। अब इसका असर दिल्ली में बदमाशों के धंधे पर भी देखा जा रहा। पिछले दो दिनों से पुलिस कंट्रोल रूम में लूटपाट की कॉल में भारी गिरावट देखी जा रही है। इस बात की हामी खुद अलग-अलग जिले के डीसीपी भर रहे हैं।

साथ ही, पुलिस अफसर चुटकी भी ले रहे हैं कि लुटेरे ऐसी अफरातफरी भरी हालत में शायद किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। इसकी वजह यह भी है कि जितने बदमाशों ने दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट या चोरी करके रकम इकट्ठा की होगी, वह उन्हें या तो डूबती नजर आ रही है या वे उसे ठिकाने लगाने के तिकड़म लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस अफसरों ने कहा कि मोबाइल और चेन झपटमारी की कॉल में कमी नहीं आई है।


पुलिस अफसरों के मुताबिक, मंगलवार रात से गुरुवार शाम तक कैश लूटपाट की कॉल में अचानक गिरावट आई है। राजधानी में रोजाना औसतन 60 लोग किसी न किसी तरह लूटपाट और झपटमारी का शिकार हो जाते हैं। इनमें चेन स्नैचिंग को छोड़ दें तो ज्यादातर कैश लूटने या चोरी की वारदातें अधिक होती हैं। इनका ग्राफ दो दिन से गिरा है। वारदातों में ऐसे भी बदमाश शामिल हैं, जो एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से रोजाना यहां आकर लूटपाट करके भाग जाते हैं। मगर नोटों के बंद होने का असर इन घटनाओं पर साफ तौर पर देखा गया है।

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