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Tuesday, 11 October 2016

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PM MODI विजयदशमी पर करते हैं इन खतरनाक हथियारों की पूजा, जानिए क्यों...

किसी भी राष्ट्र की रक्षा में शस्त्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जो राष्ट्र इस सत्य को नकार देता है उसको इतिहास कभी माफ नहीं करता है।

इस सत्य को आजाद भारत के जिन राजनेताओं ने सबसे अच्छे से समझा है उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। मोदी प्रत्येक विजयदशमी को शक्ति की साधना कर हथियारों की पूजा करते हैं।

मोदी कैसे और किन हथियारों की पूजा करते हैं उसका सबूत है ये तस्वीरें।

1 – विजयदशमी में शस्त्र पूजन की ये तस्वीर नरेंद्र मोदी की उस समय की है जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। भारत माता की मूर्ति के सामने जो हथियार नजर आ रहे हैं वे सभी उनके सुरक्षा दस्ते में तैनात एनएसजी गार्ड के हैं।

2 – इस तस्वीर में नरेंद्र मोदी एके 47 की पूजा करते नजर आ रहे हैं। इसके जरिए वे जनता को संदेश दे रहे हैं कि दुनिया में शांति के लिए शस्त्रों की आराधना का बहुत महत्व है।


3 – तलवार जो एक समय भारतीय सेनाओं का परमपरागत हथियार हुआ करता था नरेंद्र मोदी उस पर अपने हाथ से तिलक लगाकर पूजा कर विजयदशमी का त्यौहार मना रहे हैं। मोदी के पीछे रखी असाल्ट राइफलें बता रही हैं कि उनके लिए प्रत्येक हथियार कितना महत्वपूर्ण है।


4 – इस तस्वीर में मोदी अपने सुरक्षा दस्ते में तैनात कमांडों को विजयदशमी और राज्य के हित में शस्त्रों की महत्ता के विषय में बता रहे हैं। जिन हथियारों के ये जवान धारण करते हैं उनके उपर कितनी बड़ी जिम्मेंदारी होती है।


5 – उन्होंने कंमाडों द्वारा प्रयोग की जाने वाली प्रत्येक पिस्टल पर पुष्प रखा हुआ हैं। इससे भी पता चलता है कि हथियार छोटा हो या बड़ा लेकिन नरेंद्र मोदी की दृष्टि में प्रत्येक का विशेष महत्व है।


6 – विजयदशमी की पूजा नरेंद्र मोदी के लिए केवल औपचारिकता मात्र नहीं है। जिस प्रकार शस्त्रों के साथ गोलियों का चक्र बनाकर उनकी पूजा की जा रही है वह उनकी पर्व के प्रति गंभीरता को भी प्रकट करता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शस्त्रों के प्रति यह प्रेम और उनकी पूजा का सिलसिला उस समय से अनवरत रूप से जाती है जब से संघ से जुड़े हैं। जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब भी उन्होंने इस मंत्र का बाखूबी जाप किया और आज प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएमओं में एसपीजी के शस्त्रों का पूजन कर वे विजयदशमी मनाते हैं।

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