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Thursday, 9 June 2016

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Apple भारत में नहीं बनाएगा iPhone जानिए क्यों?

नई दिल्ली : भारत की प्रमुख प्रौद्योगिकी क्षेत्र की स्मार्टफोन कंपनी ऐपल के प्रमुख कुक ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होनें भारत में ऐपल के उत्पादों के विनिर्माण और यहां के कौशलप्राप्त युवाओं को अपने साथ जोडऩे की संभावनाओं पर चर्चा की।

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ऐपल की कंपनी ने कहा कि भारत में पहला डेवलपमेंट सेंटर हैदराबाद में खुलेगा जहां 150 ऐपल डेवलपर्स ऐपल मैप पर काम करेंगे। अपने खुद के कैंपस मे सेंटर बाद में शिफ्ट कर जाएगा और कर्मचारियों की संख्या 2500 तक हो जाएगी।

ऐपल ने 18 मई को बेंगलुरु में डिजाइन और डेवेलपमेंट ऐक्सेलरेटर खोलने का एलान किया है। 2017 में खुलने वाला यह सेंटर आईओएस एप डेवलपर को मदद करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम पर है इसलिए निश्चित तौर पर विनिर्माण क्षेत्र को लेकर चर्चा होगी।

इसके साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि ऐपल भारत में आईफोन का निर्माण करेगा लेकिन वो ये खुद नहीं करेगा। ऐपल खुद से आईफोन नहीं बनाता है। बल्कि ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन चीन में आईफोन का निर्माण करती है। पिछले वर्ष अगस्त में फॉक्सकॉन ने महाराष्ट्र में कई ब्रैंडों के लिए पांच अरब अमरीकी डॉलर की निवेश की घोषणा की थी।

इस साल की आई रिपोर्टों के अनुसार संभावना थी कि फॉक्सकॉन, महाराष्ट्र में ऐपल डिवाइसों के निर्माण के लिए दस अरब अमरीकी डॉलर के लागत से एक प्लांट की स्थापना करेगा। अभी तक इन सभी योजनाओं की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन कंपनी ने मुंबई के नजदीक चीनी कंपनी शाओमी और भारतीय कंपनी रिलायंस जीओ के उत्पादों के निर्माण के लिए जगह ले ली है।

इसके साथ ही भारत में निर्माण होने के कारण आईफोन की कीमत में गिरावट आ सकती है। आईफोन महंगे होते हैं और प्रीमियम स्मार्टफोन की श्रेणी में आते हैं। इस श्रेणी में तीस हजार से ऊपर के फोन आते हैं। इस श्रेणी में ऐपल का 44 प्रतिशत शेयर है जो कि सैमसंग के करीब-करीब बराबर है। एक साल से ऐपल का कोई मॉडल बाजार में नहीं आया है।

पुराने आईफोन सस्ते हैं लेकिन उनकी बिक्री कम होती है। भारत के ग्राहक कीमत को लेकर सजग होने के बावजूद पुराने आईफोन मॉडल खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं लेते हैं। ऐपल के साथ समस्या है कि इसके नए मॉडल महंगे हैं और पुराने मॉडल में भारतीय ग्राहक कुछ ख़ास दिलचस्पी नहीं लेते हैं।

भारत में आईफोन की बिक्री को बढ़ाने का एक रास्ता उन नए मॉडल वाले आईफोनों को बेचना है जिन्हें अक्सर ग्राहक लौटा देते हैं और जिन्हें फैक्ट्री में भेजकर फिर से परीक्षण और प्रमाणित किया जाता है। 

वे नए आईएमइआई नंबर और वॉरंटी के साथ फिर से बेचे जाते हैं। इस तरह के फोन ऐपल दूसरे बाजारों में बेचता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आईफोन को डिस्काउंट के साथ खरीदने में भारतीय ग्राहकों की अधिक दिलचस्पी होगी।

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